Dekhte Dekhte Lyrical | Batti Gul Meter Chalu
| Singer | Atif Aslam |
| Composer | Nusrat Fateh Ali Khan / Rochak Kohli |
| Song Writer | Nusrat Fateh Ali Khan / Manoj Muntashir |
इस गीत को गाया है आतिफ असलम ने। इस गीत की आवाज और म्यूजिक किसी को भी अपना दीवाना बना देने वाली है। यह एक दर्दीला बेवफा सोंग है जिसे नुसरत फतेह अली खान और रोचक कोहली ने कंपोज किया है और इस सोंग को लिखा है नुसरत फतेह अली खान और मनोज मुंताशिर ने। इस गाने को 2018 में रिलीज़ हुई बत्ती गुल मीटर चालू फ़िल्म के लिए गाया गया है। यह फिल्म श्री नारायण सिंह की निर्देशन में बनी थी।
Song Lyrics
रज्ज के रुलाया
रज्ज के हंसाया
मैंने दिल खो के इश्क कमाया
माँगा जो उसने एक सितारा
हमने ज़मीन पे चाँद बुलाया
जो आँखों से.. हाय
वो जो आँखों से इक पल ना ओझल हुवे
वो जो आँखों से इक पल ना ओझल हुवे
लापता हो गए देखते देखते
सोचता हूँ..
सोचता हूँ के वो कितने मासूम थे
सोचता हूँ के वो कितने मासूम थे
क्या से क्या हो गए देखते देखते
सोचता हूँ के वो कितने मासूम थे
क्या से क्या हो गए देखते देखते
सोचता हूँ के वो कितने मासूम थे
सोचता हूँ के वो कितने मासूम थे
क्या से क्या हो गए देखते देखते
वो जो कहते थे बिछड़ेंगे ना हम कभी
वो जो कहते थे बिछड़ेंगे ना हम कभी
अलविदा हो गए देखते देखते
सोचता हूँ..
एक मैं एक वो, और शामें कई
चाँद रोशन थे तब आसमां में कई
एक मैं एक वो, और शामें कई
चाँद रोशन थे तब आसमां में कई
यारियों का वो दरिया उतर भी गया
और हाथों में बस रेत ही रह गयी
कोई पूछे के.. हाय
कोई पूछे के हमसे खता क्या हुई
क्यूँ खफ़ा हो गए देखते देखते
आते जाते थे जो सांस बन के कभी
आते जाते थे जो सांस बन के कभी
वो हवा हो गए देखते देखते
वो हवा हो गए.. हाय..
ओह हो हो..
ओह हो हो..
वो हवा हो गए देखते देखते
अलविदा हो गए देखते देखते
लापता हो गए देखते देखते
क्या से क्या हो गए देखते देखते
जीने मरने की हम थे वजह और हम ही
जीने मरने की हम थे वजह और हम ही
बेवजह हो गए देखते देखते..
सोचता हूँ..
सोचता हूँ के वो कितने मासूम थे
सोचता हूँ के वो कितने मासूम थे
क्या से क्या हो गए देखते देखते
क्या से क्या हो गए देखते देखते
क्या से क्या हो गए.. ओह हो हो..
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