Gulabi Aankhen Lyrics
| Singer | Mohammad Rafi |
| Music | R.D. Burman |
| Song Writer | Anand Bakshi |
ये सोंग मेरा पर्सनल फेवरेट सोंग है। सनम के द्वारा इस गीत को आनंद बक्शी ने लिखा है और म्यूजिक डायरेक्टर है R.D. बर्मन और इस गाने को गाया है मोहम्मद रफी ने अगर आप रफ़ी साहब के बारे ने नहीं जानते है तो मै बता दू की मोहम्मद रफ़ी जिन्हें दुनिया रफ़ी या रफ़ी साहब के नाम से बुलाती है, हिन्दी सिनेमा के श्रेष्ठतम पार्श्व गायकों में से एक थे। अपनी आवाज की मधुरता और परास की अधिकता के लिए इन्होंने अपने समकालीन गायकों के बीच अलग पहचान बनाई।
Song Lyrics
गुलाबी आँखें जो तेरी देखीं
शराबी ये दिल हो गया
सम्भालो मुझको, ओ मेरे यारों
सम्भलना मुश्किल हो गया
गुलाबी आँखें जो तेरी देखीं
शराबी ये दिल हो गया
दिल में मेरे ख़्वाब तेरे
तस्वीर जैसे हों दीवार पे
तुझपे फ़िदा मैं क्यूँ हुआ?
आता है गुस्सा मुझे प्यार पे
मैं लुट गया, मान के दिल का कहा
मैं कहीं का ना रहा
क्या कहूँ मैं दिलरुबा?
बुरा ये जादू तेरी आँखों का
ये मेरा क़ातिल हो गया
गुलाबी आँखें जो तेरी देखी
शराबी ये दिल हो गया
मैंने सदा चाहा यही
दामन बचा लूँ हसीनों से मैं
तेरी क़सम ख़्वाबों में भी
बचता फिरा नाज़नीनों से मैं
तौबा मगर मिल गई तुझसे नज़र
मिल गया दर्द-ए-जिगर
सुन ज़रा ओ बेख़बर
ज़रा सा हँस के जो देखा तूने
मैं तेरा बिस्मिल हो गया
गुलाबी आँखें जो तेरी देखी
शराबी ये दिल हो गया
सम्भालो मुझको, ओ मेरे यारों
सम्भलना मुश्किल हो गया
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