बंजारा Banjara Lyrics | Ek Villain

Banjaara Lyrics 

Singer MOHD. IRFAN
Music Mithoon
Song Writer Mithoon

बंजारा गीत इस फिल्म की दूसरी सबसे लोकप्रिय गीत है जिसे गाया है मोहम्मद इरफान ने। इस फिल्म की सबसे लोकप्रिय गीत है गलियां। एक विलेन एक रोमांस और एक्शन फिल्म है जिसे मोहित सुरी की निर्देशन में रिलीज़ किया गया था। यह फिल्म 27 जून 2014 को रिलीज़ हुई थी। बात करे इस गीत की तो इस गीत के संगीत निर्देशक है मिथून और इन्होंने ही इस गीत के बोल भी लिखे है।

Song Lyrics

जिसे ज़िन्दगी ढूंढ रही है
क्या ये वो मक़ाम मेरा है
यहां चैन से बस रुक जाऊं
क्यों दिल ये मुझे कहता है
जज़्बात नए मिले हैं
जाने क्या असर ये हुआ है
इक आस मिली फिर मुझको
जो क़बूल किसी ने किया है
हां… किसी शायर की ग़ज़ल
जो दे रूह को सुकून के पल
कोई मुझको यूँ मिला है
जैसे बंजारे को घर, मैं मौसम की सेहर
या सर्द में दोपहर, कोई मुझको यूँ मिला है
जैसे बंजारे को घर

जैसे कोई किनारा, देता हो सहारा
मुझे वो मिला किसी मोड़ पर
कोई रात का तार, करता हो उजाला
वैसे ही रौशन करे, वो शहर

दर्द मेरे वो भुला ही गया
कुछ ऐसा असर हुआ
जीना मुझे फिर से वो सिख रहा
हम्म जैसे बारिश कर दे तर
या मरहम दर्द पर, कोई मुझको यूँ मिला है
जैसे बंजारे को घर, मैं मौसम की सेहर
या सर्द में दोपहर, कोई मुझको यूँ मिला है
जैसे बंजारे को घर

मुस्काता ये चेहरा, देता है जो पहरा
जाने छुपाता क्या दिल का समंदर
औरों को तो हरदम साया देता है
वो धुप में है खड़ा ख़ुद मगर
चोट लगी है उसे फिर क्यों
महसूस मुझे हो रहा
दिल तू बता दे क्या है इरादा तेरा

हम्म परिंदा बेसबर, था उड़ा जो दरबदर
कोई मुझको यूँ मिला है, जैसे बंजारे को घर
मैं मौसम की सेहर, या सर्द में दोपहर
कोई मुझको यूँ मिला है, जैसे बंजारे को घर
जैसे बंजारे को घर, जैसे बंजारे को घर
जैसे बंजारे को घर..



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