साहिबा Sahiba Lyrics । Phillauri

Sahiba Lyrics 

Singer Romy, Pawni Pandey
Music Shashwat Sachdev
Song Writer Anvita Dutt

यह गीत है फिल्लौरी फिल्म का, 2017 में रिलीज़ हुई यह फिल्म एक कॉमेडी फैंटेसी पर आधारित फिल्म है जो कि अंशाई लाल की निर्देशन में बनी थी। बात करे इस गीत की तो इस गीत को गाया है रोमी और पावनी पांडेय ने। जयपुर में जन्मी पावनी पांडेय एक भारतीय हिंदी गीतो के गायिका है जिन्होंने सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल में अपनी शुरुआत की। साहिबा गीत के संगीतकार है शाश्वत सचदेव और इस गीत के बोल लिखे है anvita दत्त ने।

Song Lyrics

[तुझसे ऐसा उलझा
दिल धागा धागा खींचा..] x 2

दर्गा पे जैसे हो चादरों सा बिछा
यूँ ही रोज़ ये उध्दा बुना
किस्सा इश्क का कई बार
हमने फिर से लिखा..

[साहिबा.. साहिबा..
चल वहां जहाँ मिर्ज़ा..] x 2

खली चिट्ठियां थी
तुझे रो रो के लगा भेजी
मोहर इश्कां की इश्कां की
हाय..

कागज़ की कश्ती
मेरे दिल की थी डूबा बैठी
नेहर अश्कां की.. हाए..

बेसुरे दिल की ये धुन
करता गले ले तू सुन्न
आई ना तो तू ही पहचाने ना
जो हूँ वो माने ना
जा अजनवी तू बन अभी

हेंख है दिल में उठी
आलापों सी है बजी
साँसों में तू मद्धम से रागों सा
केसर के धागों सा यूँ घुल गया
मैं घूम गया

ओ.. दिल पे धुंधला सा सलेटी रंग
कैसा सा चढ़ा.. आ..

तुझसे ऐसा उलझा
दिल धागा धागा खींचा
दर्गा पे जैसे हो चादरों सा बिछा

यूँ ही रोज़ ये उध्दा बुना
किस्सा इश्क का कई बार
हमने फिर से लिखा..

[साहिबां.. साहिबां..
चल वहां जहाँ मिर्ज़ा ..] x 2

ओ साहिबां.. ओ साहिबां..
हिजर की चोट है लागी रे
ओ साहिबां..
जिगर हुआ है बाघी रे
जिद्द बेहद हुई
रत्ती है जुबां

ओ तेरे बिना..

[ओ तेरे बिना सांस भी कांच सी, कांच सी
काटे, काटे रे
ओ तेरे बिन जिन्दी दी राख सी, राख सी
लागे रे] x 3



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