SARSARIYA Lyrics
| Singer | SHASHWAT SINGH,SHASHAA TIRUPATI |
| Music | A. R. Rahman |
| Song Writer | Javed Akhtar |
यह गीत है मोहन जोदारो फिल्म का जिसे गाया है शाश्वत सिंह और शाषा तिरुपति ने। श्रीनगर में जन्मी शाषा तिरुपति एक भारतीय पार्श्व गायिका है जिन्होंने 13 से अधिक भाषाओं में एक गायक के रूप में 200 से भी अधिक गीत गाए है। बात करे इस गीत की तो इस गीत को संगीत दिया है ए आर रहमान ने और इस गीत के बोल लिखे है जावेद अख्तर ने। यह गीत मोहन जोदारो फिल्म के लिए गाया गया है इस फिल्म को 12 अगस्त 2016 को बड़े पर्दे पर रिलीज़ किया गया था।
Song Lyrics
ये सरसराती हवा
जाए चारों दिशा
ऐसे ही मुक्त मन मेरा भी हो गया
ये हवा.. सरसरिया.. सरसरिया..
क्यूँ ना लहरा के मैं भी
दिशा दिशा नगर नगर जाऊं
खिला खिला सा जो
मेरा ये मन है
खिला खिला सा जो
मेरा ये तन है
जो रंग रंग है.. मेरे सपने
तो सब रंग ही.. लागे अपने
जो रुत कोई छायी तो छा जाने दे
जो आई अंगड़ाई तो आ जाने दे
हवाएं जो बताएं वोही मान ले
तू मन की सतरंगी है ये जान ले
ये सरसराती हवा
जाए चारों दिशा
ऐसे ही मुक्त मन मेरा भी हो गया
ये हवा.. सरसरिया.. सरसरिया..
क्यूँ ना लहरा के मैं भी
दिशा दिशा नगर नगर जाऊं
लगे के अभी तू है अनजानी
जगत में जितना भी है पानी
है प्रेम उतना मेरे मन में
तू ही तो बसी है मेरे जीवन में
तेरी वाणी मेरे मन में समाती तो है
तेरी बात मुझे सपने दिखाती तो है
तुझे जो देखूं बढती ये धड़कन तो है
हुई मीठी मीठी सी मन में
उलझन तो है
ये सरसराती हवा
जाए चारों दिशा
ऐसे ही मुक्त मन मेरा भी हो गया
ये हवा.. सरसरिया.. सरसरिया..
क्यूँ ना लहरा के मैं भी
दिशा दिशा नगर नगर जाऊं, सरसरिया..
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